रात

इंदौर: दुनिया में हर साल अर्थ आवर (Earth Hour) मनाया जाता है, मार्च महीने के अंतिम शनिवार की रात 8:30 से 9:30 तक दुनिया के लोग स्वेच्छा से लाइट बंद (turn off lights) रखते हैं। इसका मकसद ऊर्जा की बचत (Energy Saving) करना और पर्यावरण (Environment) सहेजने के लिय एकजुटता का सन्देश देना है, मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (CM Dr. Mohan Yadav) ने प्रदेशवासियों (residents of the region) से आज 23 मार्च को एक घंटे के लिए बिजली बंद (power off for an hour) रखने की अपील की है।

आज रात एक घंटे के लिए पृथ्वी पर छाएगा अँधेरा

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अपने सन्देश में प्रदेश के लोगों से अपील की है पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचाने के लिए हम सब आज रात 8:30 बजे से 9:30 तक केवल एक घंटे के लिए अपने अपने घरों की बिजली बंद रखें और इस अभियान में सहयोग प्रदान करें, उन्होंने लिखा कि मुझे विश्वास है कि अर्थ आवर हम सभी को प्रकृति के संरक्षण में अपनी महती भूमिका निभाने हेतु प्रेरित करने में सफल सिद्ध होगा।

2007 में सिडनी शहर से शुरुआत हुई थी Earth Hour Day की शुरुआत

आपको बात दें कि अर्थ आवर की शुरुआत 2007 में ऑस्ट्रेलिया के शहर सिडनी से हुई थी, इसकी उद्देश्य जानकर लोग प्रभावित हुए और अगले ही साल यानि 2008 में 35 देशों ने अर्थ आवर डे मनाया, आज 178 देश हर साल अर्थ आवर डे मनाते हैं, सभी देश अपने स्थानीय समय के अनुसार मार्च के अंतिम शनिवार की रात 8:30 से 9:30 बजे एक घंटे से बिजली बंद रखते हैं।

जानें क्यों खास है अर्थ आवर

अर्थ आवर कार्यक्रम अपनी स्थापना के बाद से काफी बढ़ गया है और अब वैश्विक देशों के समर्थक इसमें भाग लेते हैं। पूरी दुनिया के कई देश हमारे ग्रह और इसके निवासियों के बेहतर भविष्य की बेहतरी के लिए एक साथ आ रहे हैं। अब अपने 17वें वर्ष में, अर्थ आवर एक सकारात्मक पर्यावरण परिवर्तन के लिए एक साधारण लाइट-आउट से एक शक्तिशाली उत्प्रेरक के रूप में विकसित हुआ है। यह आयोजन लोगों की सामूहिक शक्ति और उनके कार्यों के माध्यम से जलवायु परिवर्तन से दुनिया को बचाने का एक मंच बन गया है। आयोजन की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, अर्थ आवर का उद्देश्य दुनिया भर में व्यक्तियों, समुदायों और संगठनों को पर्यावरण की रक्षा के लिए सार्थक सहयोग करने और सभी के लिए एक स्थायी भविष्य बनाने के लिए प्रेरित करना है।

एक घंटे के आयोजन का क्या असर होगा?

भले ही एक घंटे के लिए लाइट्स बंद किए जाएंगे। हालांकि ऐसा करने से वार्षिक उत्सर्जन पर बहुत कम प्रभाव पड़ता है, फिर भी एकजुटता में बड़े पैमाने पर किया गया कार्य पूरी दुनिया के लोगों के लिए एक वेक-अप कॉल के रूप में काम कर सकता है। सैकड़ों स्थानीय सेलिब्रिटी प्रभावितों से उनके समर्थन की उम्मीद है और शनिवार के अर्थ आवर के लिए संरक्षण प्रयासों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए कई कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है।

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